5.8.19

Air purifier plants, indoor plants

  Air purifier plants, indoor plants  

 आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी सेहत के बारे में नहीं सोच रहे है,लोगो के पास इतना समय नहीं है की वो गार्डन में जाकर ताज़ी हवा ले सके, न ही अब शहरों में बगीचे रह गये हैं जहा जाकर हम अपने मन को शांत कर सके या फिर ताज़ी हवा लेकर खुद को स्वस्थ रख सकेआजकल हमारे आसपास इतना प्रदूषण होगया है की हम लोगो को ताज़ी हवा मिलना असम्भव सा हो गया है|
             नमस्कार दोस्तों आपका अपने ब्लॉग NATURE ELEMENTS में स्वागत है,आज हम आपको कुछ ऐसे पौधों के बारे में बतायेंगे जिन्हें आप अपने घर में लगाकर अपने आसपास का वातावरण साफ कर सकते है, और ये ऐसे पौधे है जिन्हें आप air purifying plants के रूप में अपने घर के अन्दर indoor plants की तरह लगा सकते है |
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1- मनी प्लान्ट- दोस्तों money plant का नाम तो सभी ने सुना होगा पर शायद आप इसके गुणों से पूरी तरह से परिचित नही होंगे,ये एक तरह का ऐसा पौधा है जिसको आप अपने किसी भी कमरे में लगा सकते है, इस पौधे को बहुत ही कम रख-रखाव की जरुरत होती है| इसे आप सिर्फ पानी में या किसी छोटे पॉट में लगा कर अपने dinning table पर सजा सकते है | यह पौधा एक तरह का प्राकृतिक फ़िल्टर का काम करता है, ये आपके कमरे की प्रदूषित हवा को शुद्ध करता है, money plant लगाने में बहुत ही आसान होता है ,बस आपको इसकी एक डंठल को काट के पानी में या फिर मिटटी में लगा देना है, कुछ दिनों में यह एक पौधा बन जायेगा और आपके गार्डन की शोभा बढ़ाएगा|
2- स्नेक प्लान्ट snake plantस्नेक प्लान्ट एक ऐसा पौधा है जो भारत के ज्यादातर घरों में पाया जाता है, यह ऐसा पौधा है जो आपके कमरे की प्रदूषित गैस को अपने अन्दर अवशोषित कर लेता है, और बदले में शुद्ध हवा को निकालता है, इस पौधे को 15-20 दिन में एक बार धुप की जरुरत होती है, इसे आप अपने कमरे के किसी भी कोने में आराम से रख सकते है |
3- एरेका पाम- अपनी हवादार पत्तियों और खूबसूरत हरे रंग की वजह से हमेशा लोगो का पसंदीदा पौधा बना रहता है | जब यह आपके कमरेआँगनबालकनियों और शयनकक्षों में लगाया जाता हैतो यह न केवल फॉर्मेल्डिहाइडबेंजीनऔर कार्बन मोनोऑक्साइड जैसे विषाक्त गैसों को हवा से हटा देता है बल्कि वातावरण में उत्तम नमी भी बनाए रखता है और शुद्ध हवा को कमरे में फैलाता है | यह ऐसा पौधा है जो धीरे-धीरे बढ़ता है और अगर आपने इसे किसी गमले में लगाया है तो उस गमले को आपको छायादार जगह पर रखना होगा, धूप की सीधी रोहणी में इसकी पत्तियां जल जाती है |
4- ऐलोवेरा (घृतकुमारी)- एलोवेरा के बारे में सभी जानते है, और इसके औषधीय गुण से भी परिचित होंगे, भारत में ये लगभग सभी घरो में आसानी से देखने को मिल जाता है| ये हमारी त्वचा के लिए और हमारे स्वास्थ के लिए बहुतही ज्यादा लाभदायक होता है | रोजाना इसके जूस का सेवन करने से हमारे पेट से सम्बन्धित रोग दूर हो जाते है | ये एक ऐसा पौधा है जिसे हल्की छायादार जगह पर रखने से ये काफी तेजी से ग्रो कर सकता है, इस पौधे को कम से कम 4 घंटे की धूप अवश्य चाहिए | एलोवेरा आपके आसपास की दूषित हवा को अपने अंदर अवशोषित कर लेता है और शुद्ध हवा को बहार छोड़ता है |
5- स्पाइडर प्लांट – इस पौधे को कम पानी की जरुरत होती है और महीने में एक या दो बार कुछ घंटो क लिए धूप में रखने से इसकी जरुरत पूरी हो जाती है, ये पौधा भी एक प्राकृतिक फ़िल्टर का काम करता है और दूषित हवा को ख़त्म करता है |
6- तुलसी – तुलसी एक ऐसा पौधा है जो हिन्दू धर्म से जुड़ा हुआ है, हिन्दू धर्म में इसकी पूजा की जाती है, इसके साथ-साथ ये एक औषधीय पौधा भी है, इसके औषधीय गुण से लगभग सभी परिचित है, ये एक ऐसा पौधा है जो आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा जो बाहर करता है और साथ ही साथ आपके घर की हवा को शुद्ध करता है, इसके औषधीय गुण के बारे में हमने अपने दुसरे ब्लॉग विस्तार से बताया है |
7- पुदीना – पुदीना के पौधे को भारत में बहुत अधिक पसंद किया जाता है, ये भारत में भोजन के अलग अलग उपयोग में लिया जाता है, पुदीना आपके गार्डन में लगे होने से आपके घर की हवा को शुद्ध करता है और ताजगी फैलाता है, इसी के साथ-साथ इस पौधे की महक से आपके घर के आसपास मच्छर भी मही लगेंगे |
दोस्तों ये कुछ ऐसे indoor, air purifier plants है जो की आपको आसानी से मिल जाते है और इनके रख-रखाव भी बहुत कम है, ये पौधे आपके बगीचे की शोभा भी बढ़ाएंगे और हवा को भी सुध रखेंगे |

4.8.19

gamle me kaise paye dhero nimbu | गमले में कैसे पाए ढेरो नीबू ??

gamle me paye dhero nimbu | गमले में कैसे पाए ढेरो नीबू ?? 

                    Lemon यानी नीबू , यह एक रसभरा फल होता है जोकि खट्टा होता है| नीबू का नाम आते ही जुबान पर खट्टे का स्वाद आ जाता है |नमस्कार दोस्तों आज हम बात करेंगे नीबू के बारे में ,इसे गमले में लगाकर इससे हम कैसे ढेरो फल ले सकते है ,इसकी मिटटी soil media कैसी होनी चाहिए ,इसमें लगने वाले रोगों के बारे में ,इनके उपचार के बारे में आज हम बात करेंगे |
                                    गुलाब पर कैसे पाएं ढेरो फूल??| gulab par kaise paye dhero phool
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                   नीबू की कई किस्मे भारत में पायी है, जिसमे बारहमासी नीबू और कागजी नीबू गमले में लगाने और फल लेने के लिए सबसे अच्छा माना  जाता है|बारहमासी नीबू में फल झुरमुट में आते है जोकि साल भर में लगभग हमेशा फल देता है| आप अपने गमले में कभी भी बीज से तैयार पौधा न लगाये,बीज से पौधा तैयार होने में और फल देने में लगभग 4-5 वर्ष का समय लग जाता है,आपको अगर अपने गमले में पौधा लगाना है तो बेहतर होगा की आप कलम से तैयार पौधा या ग्राफ्ट विधि से तैयार पौधा ही लगाये| जब भी आप नर्सरी से पौधा खरीदें तो ध्यान से पौधे को देख ले की पौधे में किसी तरह की कोई बीमारी तो नही हुई है, अगर आप बीमारी वाला कोई पौधा ले लेंगे तो कुछ समय बाद हो सकता है की आपका पौधा सूख सकता है |
                  आप अपने पौधे को किसी भी मौसम में लगा सकते है पर कोशिश करें की nimbu के पौधे को ठण्ड में न लगाये,ठण्ड का मौसम nimbu के पौधे के लिए ऐसा मौसम होता है जिसमे पौधा अपने पत्तियां गिराने लगता है और इस दौरान किसी भी तरह की खाद nimbu के पौधे को नहीं चाहिए होती है |


पौधा लगाने का मौसम -इसे लगाने का सबसे उपयुक्त महीना february,march,july,august में लगाये,जब ये पौधा अपनी ग्रोथ करता है |मतलब की आप इसे या तो बहार के मौसम में लगाये या फिर बारिश के मौसम में लगाये |


गमला - अगर नर्सरी से आप छोटे पौधे को लेके आये है तो उसे कम से कम 10inch के पॉट में लगाये,परन्तु आपका पौधा अगर बड़े साइज़ का है तो आपको इसे बड़े साइज़ के गमले में लगाना होगा मतलब की 15-18 inch के या इससे बड़े पॉट में आप लगा सकते है, चूँकि nimbu के पौधे की जड़े जादा गहराई तक नहीं जाती है,इस पौधे की जड़े फैलाव में जाती है ,तो बेहतर होगा की आप ऐसे गमले का चुनाव करे जिसका diameter जादा हो |
चलिए  दोस्तों अब बात कर लेते है नीबू के गमले की मिट्टी के बारे में -

मिटटी - नीबू lemon एक ऐसा पौधा है जिसे हल्की acitic मिट्टी पसंद आती है,आप अपने पौधे की मिटटी का ph 5.5 - 7.5 ही रखे,lemon फलदार पौधा है जिसे रोजाना पानी की जरुरत होती है,लेकिन दोस्तों ध्यान दें की आपके गमले में पानी का जमाव न होने पाए,गमले की मिटटी ऐसी हो की जिससे पानी निकल सके,गमले का छेद भी खुला हुआ होना चाहिए |
             आप 5 बराबर भाग में 2 भाग बगीचे की मिट्टी को ले लें ,1 भाग पूरी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद,1 भग कोकोपीट या सूखी हुई पत्तियों की खाद ले सकते है ,1 भाग रेत या बजरी ,इन सब को ले लें और अच्छे से मिला ले,आपकी मिट्टी तैयार है इस मिश्रण में आप सरसों की खल-100 ग्राम ,नीम केक -50 ग्राम ,वर्मीकम्पोस्ट-100ग्राम  लेकर अच्छे से पूरी मिट्टी को मिला लें ,अब आपकी मिट्टी पूरी तरह बन कर तैयार हो गयी है|


वातावरण - lemon के फलदार पौधा है,सभी फलदार पौधों को सूरज की धूप बहुत ही जरुरी होती है और इन पौधों को धूप बहुत ही पसंद आती है,इसलिए इसे आप ऐसी जगह पर रखे जहाँ पर सूर्य की लगभग 5-6 घंटे की पर्याप्त रौशनी मिल सके|यह पौधा 20-37 तक का तापमान अच्छा माना जाता है | अगर मौसम जादा गर्म है तो इसके पौधे पर पानी की फुहार छोड़ते रहे ,या फिर इसे थोड़ी छायादार जगह पर रख दें जहाँ पर दोपहर बाद छाँव आने लगे |


पानी - नीबू को पानी काफी पसंद आता है,मौसम जब गर्म हो तो इसमें पानी रोज दें, परन्तु आपके पौधे पर फूल आये है तो पानी देने का समय थोडा बढ़ा दे | आप पानी देने से पहले जरुर देख लें की आपके पौधे की मिटटी पूरी तरह से सूख गयी है की नही ,जब ऊपर की सतह सूख जाये तब ही पानी दें वरना आपके पौधे के फूल तो लगेगा पर वो फल बनने से पहले ही गिर जायेंगे|ठण्ड के मौसम में lemon के पौधे को पानी देने का अंतराल बढ़ा दें| जब मिट्टी सूख जाये तो पानी डालें,अगर संभव हो सके तो नीबू के पौधे को किसी शेड एरिया में रखे जिससे की जाड़े का प्रकोप पौधे पर न पड़े| नीबू के पौधे में ढेर सारे फूल और फल लगने के कारण इस तरह के पौधे को ज्यादा खाद की आवश्कता होती है |



खाद (fertilizer) - खाद आप चाहे जिस तरह की इस्तेमाल करें लेकिन जरुरी ये है की आप खाद को किस समय इस्तेमाल कर रहे है,सही समय पर सही खाद इस्तेमाल करना बहुत जरुरी है |
अब मैं आपको इसमें उपयोग होने वाले मुख्यता तीन खाद के बारे में बताऊंगा जो किसी भी पौधे के लिए बहुत जरुरी होता है|
1-नाइट्रोजन 
2-फास्फोरस
3-पोटैसियम 
         lemeon के पौधे को इन तीनो खाद में से सबसे जादा जरुरत nitrozen की होती है,इसलिए आप ऐसे खाद का उपयोग करे जिसमे nitrozen की मात्रा ज्यादा पायी जाती है बाकी बचे फास्फोरस ,और पोटैसियम की मात्रा कम हो तो बेहतर होगा | इसका इस्तेमाल फूल का मौसम आने से पहले करें और इससे पौधे की जड़े मजबूत होती है और पौधा बेहतर तरीके से फूल और फल दे पाता है अगर आप n.p.k का इस्तेमाल कर रहे है तो ऐसा n.p.k ले जो 2*1*1 हो |इसके अलावा आप spring के मौसम की सुरुवात में ही आप गमले की अकार के हिसाब से बोन मील(bone meal) का उपयोग कर सकते है,इससे आपके पौधे में फूलों की मात्रा बढ़ जाएगी |


मिट्टी को अम्लीय कैसे बनाये -अब बात करते है मिट्टी को किस तरह से अम्लीय बनाया जाये| मिटटी को अम्लीय बनाने के लिए सल्फर का प्रयोग करें ,या फिर ऐसे खाद का प्रयोग करे जिसमे की सल्फर की मात्र हो|इसके साथ ही आगर ऐसी खाद नही है तो आप 10इंच के गमले के लिए आधी चमम्च पिसी हुई फिटकरी का उपयोग  सकते है |

 Micro nutrient- इसके साथ ही साथ पौधे को micro nutrient की भी जरुरत समय समय पर होती है, जैसे iron,jinc,coper,magenisium, पौधे को ये सारे तत्व देने के लिए आप किसी micro nutriant खाद का उपयोग कर सकते है या फिर sea weed extract का उपयोग कर सकते है | वैसे तो इनकी जरुरत पौधे को कम ही होती है लेकिन इसकी कमी से पौधे को कई तरह के रोग लगने का खतरा बना रहता है क्यूंकि इनकी कमी से पौधे का imune system कमजोर हो जाता है,इसलिए बीच-बीच में ही पौधे को इनकी खुराक देते रहना चाहिए,आपने देखा होगा की यदि आप पानी भी सही मात्रा में दे रहे है और खाद भी समय समय पर दे रहे है फिर भी आपके नीबू बड़े होने से पहले ही गिर जाते है,ये micro nutrient की कमी से ही होता है |

            Lemon एक ऐसा पौधा है जिसे खाद तुरंत-तुरंत नही चाहिए,इसके पौधे को खाद लगातार मिलती रहनी चाहिए, जिसके लिए सबसे अच्छा उपाय गोबर की खाद होती है जो पौधे को धीरे-धीरे लेकिन लगातार तत्वों को release करती रहती है,इसके अलावा आप vermicompost,neemcake,mustard cake को लगभग हर महीने गमले की मिट्टी के ऊपर डाल कर गोड़ाई कर दें,जिस्स्य धीरे-धीरे पौधे को सभी तत्व मिलते रहेंगे|


पौधे को खाद देने का सही समय- हमारे भारत केमौसम के हिसाब से north indian में अप्रैल से सितम्बर तक हर महीने इस पौधे को खाद की पूरी मात्रा देनी चाहिए,मार्च और अक्टूबर के महीने में आधी मात्रा,फरवरी और नवम्बर के महीने में 1/4 कर देना चाहिए तथा दिसम्बर और जनवरी के महीने में खाद की मात्रा बिल्कुल बंद कर देनी चाहिए क्यूंकि पौधे को इस समय आराम की जरुरत होती है,अगर आपको अपने गमले में लगे पौधे से फल जादा मात्रा में चाहिए तो आपको खाद का विशेष ध्यान देना होगा |


नीबू के पौधे में लगने वाले रोग - नीबू में ज्यादातर रोग फंगल इन्फेक्शन,बैक्टीरिया या वायरस की वजह से होते है ,चलिए बात करते है इनके पहचान और उपचार के बारे में ,ज्यादातर रोग इनका प्रकोप पत्तियों फलो और तनो पर देखने को मिलता है,पत्तियों पर पड़ने वाले पीले धब्बे जो बाद में बढ़ जाते है और पूरे पौधे पर हो जाते है,पत्तियों का आकर बदल जाता है या पत्तियां मुड जाती है,तनो का ऊपर से सूखने लगना,पत्तियों के ऊपर सफ़ेद धब्बे दिखाई देना,इन सब के अलावा इल्लियो का लगना जो नये पत्तो का खाती है |
              इन सब रोगों की रोकथाम के लिए समय-समय पर जिंक सल्फेट ,कॉपर सल्फेट और चूने का घोल बना कर छिडकाव करे,इसके अलावा एंटी फंगल पाउडर कार्बनडाजीन का प्रयोग करे| जो टहनिया सूख जाये उसे जल्द से जल्द काट कर अलग कर दें ,कीटों से बचाने के लिए आप intectiside का इस्तेमाल करे |
इन सब से हटकर हर्बल उपाय भी है,आप नीम केक को मिट्टी में मिला सकते है या नीम के तेल का छिडकाव भी कर सकते है,नीम का तेल छिडकाव करने के लिए आप नीम के तेल 5ml में liquid soap की कुछ बूंदे मिला ले फिर पानी मिला और अच्छे से मिला ले फिर छिडकाव करे|नीम तेल का प्रयोग आप हर हफ्ते कर सकते है जिससे किसी तरह की बीमारी पौधे को नही होगी | 
कभी कभी पौधे पर सूखा रोग का प्रकोप हो जाता है और पौधे की टहनियां सूखने लग जाती है |इसके उपाय के लिए बेहतर होगा की जिस टहनी में ऐसा रोग हो उसे आप पौधे से काट कर अलग कर दें और पूरे पौधे पर नीम के तेल का लेप लगा दें जिससे की बाकी का पौधा सुरक्षित रहे |


नीबू के पौधे की काट छाट - सामान्यता लगभग सभी पौधों की काट छाट समय-समय पर जरुरी होती है ,लेकिन नीबू के पौधे में काट छाट नहीं करनी चाहिए,क्यूंकि lemon का पौधा अपना सारा भोजन अपने पत्तियों में और अपनी टहनियों में संचित कर के रखता है, अगर हम इसकी टहनियां काट देंगे तो पौधे को अचानक से भोजन मिलना बंद हो जायेगा और पौधा सूख सकता है|अगर आपके पौधे का आकार सही नही है तो आप हल्की cutting कर सकते है |


Mulching- Mulching एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमे पौधे की मिट्टी के ऊपरी सतह पर सूखी पत्तियों एक परत बिछा दी जाती है जोकि गर्मी के मौसम में आपके पौधे को,और उसकी जड़ो को धुप से बचाती है ,इसकी वजह से आपको दिन में कई बार अपने पौधे में पानी देने की जरूरत नहीं होगी,यह प्रक्रिया पौधे की जड़ो को ठंडक प्रदान करती है |
                            गुलाब पर कैसे पाएं ढेरो फूल??| gulab par kaise paye dhero phool

                      दोस्तों आशा करता हूँ की gamle me kaise paye dhero nimbu पर सभी प्रकार की बातों को बता दिया है ,मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से आप संतुष्ट हुए होंगे, फिर भी अगर आपको lemon fruit से जुड़ी किसी तरह की कोई समस्या आती है तो आप comment box में comment करके बता सकते है , या आप किसी तरह की कोई जानकारी साझा करना चाहते है तो आप कर सकते है | 

3.2.19

Kitchen waste composter

 KITCHEN WASTE COMPOSTER

  किचन वेस्ट से बनाये जादुई फ़र्टिलाइज़र

      
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                  नमस्कार दोस्तों!
                                         दोस्तों जैसा की हम सब जानते है की हर घर में कोई न कोई व्यक्ति gardening का शौक़ीन होता है,पर दोस्तों gardening करने में हम सबको कभी न कभी किसी न किसी दिक्कत का सामना करना ही पड़ता है,दोस्तों अगर आपके पौधे पर फूल या फल नहीं आते या समय पर नहीं आते है तो दोस्तों आप बिलकुल सही जगह आये है,दोस्तों आज हम kitchen waste composter के बारे में बात करेंगे की आप किचन वेस्ट से एक जादुई खाद बना के अपने पौधों की सारी दिक्कतों को कैसे दूर कर सकते है,तो चलिए शुरू करते है |


  समस्या -पौधों पर फलों का न आना या समय से पहले गिर जाना 

  उपाय

  दोस्तों आपको इस जादुई खाद को बनाने के लिए आपको कुछ सामाग्री की जरुरत होगी |

  सामग्री 

मटर के छिलके ,केले के छिलके ,मूली के पत्ते ,चुकंन्दर के पत्ते ,पपीते के छिलके ,आलू के छिलके ,आप मौसमी सब्जियों के छिलके फलो के छिलके ले सकते है ,आपके पास अगर दही या ख़राब दूध है तो आप उसे भी ले सकते है अगर आप मांसाहारी है तो आप अंडे के छिलकों को लें सकते है है जो की कैल्सियम का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है 
                   आपके घरों में रोजाना इस तरह की चीजें फेंक दी जाती हैं जिनका कोई उपयोग नहीं होता है और ये सारी चीजें हमारे वातावरण को गन्दा करती है|आप अपने घरों की बेकार सब्जियों और फलों से अपने पौधे के लिए एक बहुत ही अच्छी खाद बनाकर अपने पौधो पर फलो को पा सकते हैं |  

 विधि 

आपको सभी सब्जियों और फलो के छिलकों को लेकर आपको अपने grinder में बारीक पीस लेना है और इस मिश्रण में पानी मिला लें ,और अच्छे से तैयार कर लें|

 सावधानी 
आपको ध्यान देना है की आपको इस मिश्रण को अपने पौधे को सीधे इसी तरह से नहीं देना है अभी आपका मिश्रण पूरी तरह से तैयार नहीं हुआ है ,इसे तैयार करने के लिए आपको इसमें १:१० के अनुपात में पानी को मिलाना है मतलब ये की आपको 1 लीटर मिश्रण में 10 लीटर पानी मिलाना होगा इसके बाद इसे आप अपनी मिट्टी में डाल सकते है,जिसके बाद गमले की मिट्टी की अच्छे से गुड़ाई कर दें ,जिससे की आपका पौधा मिटटी को पूरी तरह से अवशोषित कर ले |


 लाभ  

इस fertilizer से पौधे को सभी तरह के पोषक तत्वा मिल जायेंगे ,इस मिश्रण में नाइट्रोजन ,potas ,phosphoras ,कैल्शियम जैसे पोषक तत्व मिल जायेंगे जिसकी वजह से पौधा अपनी पूरी ग्रोथ करेगा तथा समय पर फूल तथ फल देगा|

 NOTE 


इस मिश्रण को आप 20 -25 दिन के अन्तर पे पौधों को दे और आपका मिश्रण अगर बाच जाये तो इसे आप बाद में उपयोग करने के लिए किसी डिब्बे में बंद कर के रख दे ,जब भी उपयोग करना हो तो उपयोग करने से पहले इसे अच्छी तरह से मिला लें |अगर आप इस विधि का उपयोग करते है तो आपका पौधा यकीनन बहुत ही जादा मात्रा में फूल और फल देगा|

                       दोस्तों आपको हमारे द्वारा दी गयी जानकारी कैसी लगी ,अगर ये जानकारी आपके लिए उपयोगी है तो आप कमेंट कर के अपनी खुसी जाहिर कर सकते है और अपने मित्रों को जिसे gardening का शौक है उसके साथ share करे ,जिससे आप और हम मिलकर अपने पौधों को स्वस्थ रखे अपने बगीचे को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाये |
               
                        
                       धन्यवाद् दोस्तों !

30.1.19

Chrysanthemum care | guldavari flower

    Chrysanthemum Care 

   नमस्कार दोस्तों !
                           दोस्तों जैसा की आप सब जानते है की हम सबकी ये ख्वाइश होती है की हमारे घर में एक छोटा सा गार्डन जरूर हो,और उस गार्डन में ढेरो पौधे हो जिन पर ढेरो फूल आये हो |
    दोस्तों आज हम इस टॉपिक पर बात करेंगे की आप गुलदाऊदी के पौधे पर आप ज्यादा से ज्यादा फूल कैसे ला सकते है |

     Guldaudi plant care


     समस्या :फूलो का समय पर ना खिलना या कालियों का खिलने से पहले ही गिर जाना |




   उपाय -1 :फुल sunlight

          दोस्तों आप अपने पौधे को पूरी तरह से धूप में रखे जिससे की आपके पौधे का विकास अच्छे से हो सके ,और उसपर आने वाली सभी कलियों का भी विकास हो सके|
                                                             
chrysanthemum care


  उपाय :2 पिंचिंग

             दोस्तों आप अपने पौधे के पुराने फूलों को समय से हटा दे, जैसा की आपने पौधे में देखा होगा की उसका फूल सूख जाने के बाद पौधा उसे खुद से गिरा देता है लेकिन इसमें पौधे की उर्जा ज्यादा खर्च होती है और पौधे पर फूल धीरे धीरे कम संख्या में आने लगते हैं|अतः फूल जब सूख जाएँ तो उसे तुरंत काट के हटा दे,जिसे पिंचिंग कहते है,जिसके बाद आपके पौधे पर नयी टहनिया निकलने लगेंगी जिनपर ढेरो फूल आयेंगे क्यूंकि फूल हमेशा नयी डालियों पर ही आते हैं|


pinching ke fayde



                                                            

   उपाय :3 पानी देने का तरीका 

                दोस्तों आप जानते होंगे कि जब पौधे में फूल आये हो तो उसमें पानी समय से देना चाहिए,गुलदऊदी के पौधे में आप पानी को सीधे मिटटी में डाले न कि पौधे पर या फूलों पर|
अगर आप पानी अपने फूलों पर डालेंगे तो नमी की वजह से उसके फूल जल्दी ही ख़राब होकर सड़ने लगेंगे और उनमे कीड़े मकोड़े लगने का खतरा हमेशा बना रहता है |
ध्यान रखे की थोडा-थोडा पानी रोज डाले ,गुलदाउदी के पौधे को गीली मिटटी बहुत ही पसंद आती है|

pani dene ka sahi tareeka


  उपाय : 4 नीम के तेल का छिडकाव 


                  दोस्तों नीम का तेल मनुष्यों के साथ-साथ पौधों के लिए भी भी बहुत लाभकारी होता होता है ,आप 5ml नीम के तेल को 1liter पानी में मिलाएं इसके साथ ही इसमें आप 4-5 बूंद हैण्ड वाश मिला लें,दोस्तों अगर आपके पास handwash नहीं है तो आप इसमें नहाने वाले साबुन को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर मिला ले ,फिर इस मिश्रण को आप अच्छी तरह से मिला लें|
                 इस मिश्रण को आप अपने पौधे की पत्तियों पर डाले,इसकी वजह से आपके पौधे पर किसी तरह का रोग या फंगल अटैक नहीं होगा और पौधा स्वस्थ रहेगा |
neem tel ke fayde



  उपाय :5 fertilizer  

1:200 gram musturd cake अर्थात सरसों की खाल 
2:800 cow dung powder
3:50 gram/5 teaspoon tea
4:1/2 teaspoon d.a.p
5:1/3 potash
6:1 teaspoon epsom salt
            दोस्तों इन सभी पदार्थो को इसी मात्रा में लें और इस मिश्रण को 10 liter पानी में अच्छे से मिला लें और इस मिश्रण को 3-4 दिन के लिए रख दें ,जब इसे अपने पौधे को देना हो तो आप इसे अच्छे से चला लें और अपने पौधे के गमले की मिट्टी में डाले|ये एक ऐसा चमत्कारी fertilizer है जिसकी सयाहता से पौधा अच्छे से growthकरता है और गुलदाउदी के पौधे पर अच्छे और बडे फूल आना शुरू हो जायेंगे|
 जब आपके पौधे पर कलियाँ आना शुरू हो जाएँ(नवम्बर-जनवरी ) तो आप इसे 15-20 दिन के अन्तराल पर अपने पौधे की मिट्टी में डाले,पर निश्चित कर लें की पौधे की मिटटी सूखी हुई हो |



  उपाय :6 cutting

             दोस्तों cutting पौधे के लिए बहुत ही जरुरी होती है ,इस तरीके को आपको  flowering का मौसम ख़त्म होने के बाद उपयोग करना है ,इस तरीके को उपयोग करने से आपका पौधा अगले मौसम में फूल देने के लिए तैयार हो जायेगा और आपके उसी पुराने पौधे पर ढेर सर फूल आने लगेंगे और आपको नया पौधा लगाने की जरुरत नहीं पड़ेगी|
             flowering का मौसम ख़तम होने के बाद आपको अपने पौधे की cutting करनी होगी ,cutting करने के लिए आपको मिट्टी से लगभग 6 inch ऊपर तक छोड़ के बाकी का हिस्सा काट देना होगा ,और गमले की मिटटी की गुड़ाई करिए और उसकी पुरानी जड़ो को निकाल दें तथा उसमे 100gram vermicompost या गोबर की खाद मिलाकर ४-५ घंटे के लिए धूप में रख दें जिससे पौधे की मिट्टी सूख जाये और भुरभुरी हो जाये जिसे की मिट्टी में हवा का आवगमन आसानी से हो सके |
            अगले दिन से उसमे पानी देना शुरू कर दें ,इस विधि को अपनाने से आपका पौधा अगले मौसम में घना होगा और flowering भी ज्यादा आएगी |इस विधि का उपयोग करके आप अपने guldaudi ke paudhe par jada phool पा सकते हैं |
                                                       
                  



                दोस्तों ,मैं आशा करता हूँ की आप मेरे द्वारा दी गयी जानकारी से संतुष्ट होंगे,और मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी ,दोस्तों अगर आपको gardening से जुड़ी किसी भी तरह की समस्या आ रही तो आप अपनी समस्या को नीचे comment box में comment करके पूछ सकते हैं या अगर आप किसी तरह का कोई सुझाव साझा करना चाहते है तो comment करे |
                धन्यवाद् |

29.1.19

गुलाब पर कैसे पाएं ढेरो फूल??| gulab par kaise paye dhero phool

                                     गुलाब पर पाए ढेरों फूल 

             नमस्कार दोस्तों !आपका स्वागत है आपके अपने blog nature elements में , दोस्तों आज हम बात करेंगे की आप अपने होम गार्डन में गुलाब के पौधे पर ढेर सारे फूल कैसे पा सकते है।

                                       
        दोस्तों हम की सभी की कभी न कभी ये ख्वाइस होती है की हमारे घर में एक छोटा सा गार्डन जरूर हो,और उसमे गुलाब का पौधा हो ,जिसपर ढेर सारे फूल आये|
दोस्तों आज हम कुछ तरीको के बारे में बात करेंगे जिनका उपयोग करके आप अपने पौधे पर ढेरों फूल कैसे ले सकते है |
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                                      समस्या :पौधों पर फूल न आना या छोटे फूलों का आना 

                                            

                                                  उपाय 1:सरसों की खल का उपयोग 

               अगर आपने गुलाब को घर में किसी पॉट में या जमीन में लगाया है और उसपर फूल नहीं आ रहे तो आपको 100ग्राम सरसो की खल और 50 ग्राम उपयोग हुई चाय पत्ती लेना है,और उसे 4लीटर पानी में डालकर 4से 6दिन के लिए छोड़ दें| 
जब वो अच्छे से डिकंपोस्ट हो जाये तो उसमें 2लीटर पानी मिला लें और अच्छे से चला ले।आपका मिश्रण तैयार है।
इस मिश्रण को आप को आप अपने पौधे पर सीधे पत्तियों पर स्प्रे करे या फिर गमले में डाले या जमीन में,बचे मिश्रण को आप रख लें जिसे बाद में उपयोग कर सकते है,लेकिन मिटटी में डालने से पहले निश्चित कर लें कि आपके पौधे की मिट्टी सूखी हुई हो।
खल को प्रयोग करने का दूसरा तरीका ये है कि आप 100ग्राम -200ग्राम खल लें और उसका पाउडर बना लें और 2से3 चम्मच आप अपने गमलो में डाले,अगर पौधा जमीन में लगा है तो मात्रा ज्यादा लें लगभग 6-8 चम्मच,और फिर मिटटी की गुड़ाई कर दे।

लाभ : *अब हम बात करते है इसके लाभ की,तो दोस्तों इसका उपयोग करने से पौधों को सभी प्रकार के पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन,पोटैसियम ,micro nutrients अच्छी मात्रा में मिलते है,जिससे फूल अच्छे आते है और जादा मात्रा में आते है 
*पौधे की मिटटी भुरभुरी बन जाती है जिससे की पौधे की जड़ो की growth अच्छी रहती है |



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                                                         उपाय 2:चायपत्ती का उपयोग 


             दोस्तों आप सभी के घरो में चाय बनाने के बाद की चाय की पत्ती बच जाती है जिसे हम अक्सर फेंक दिया करते है,इसका उपयोग आप अपने गुलाब में कर सकते है जिसके लिए आपको 50gram चायपत्ती लेनी होगी जिसे आप हल्का धो लें,फिर इसे आप सुखा ले,सुखाने के बाद इसे आप अपने गमलो में डालकर गुड़ाई कर दे,यही प्रक्रिया आपको 20-25 दिन के अंतराल पर फिर से दोहरानी होगी |ये आपके पौधे की growth करेगी और फूलों का आकार बड़ा कर देगी|
लाभ :*चाय में एमिनो एसिड पाया जाता है,जोकि नये पौधे के लिए बहुत अच्छा होता है,गुलाब के पौधे को अम्लीय मिटटी पसंद होती है
*चाय में फ्लोराइड पाया जाता है,जोकि एंटी फंगल का काम करता है, जिसकी वजह से गुलाब की जड़ो में कीड़े नही लगते है|

                                                             
                                                             
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                                                                     उपाय 3:पिंचिंग   

                किसी पौधे के लिए जितना ही फ़र्टिलाइज़र होता है उतना ही जरुरी समय-समय पर पिचिंग करना जरूरी होता है|आपके पौधे पर जैसे ही फूल सूखने लगे वैसे ही आपको उसे काट कर हटा देना है,अगर आप समय पर नहीं काटेंगे तो पौधा अपनी ऊर्जा उसे गिराने में खर्च कर डालेगा |आपको ध्यान देना है सूखे हुए फूलों को कहा से काटना है,ध्यान देना है की फूल के नीचे तीन पत्तियों का set होता है ,आपको उसके नीचे से फूल की pinching करनी है |




                                                             उपाय 4 :फिटकरी का प्रयोग 

              दोस्तों आप सभी फिटकरी के गुणों से परिचित होंगे ,फिटकरी जितना ही हमारे लिए लाभदायक होती है उतनी ही पौधे के लिए लाभदायक होती है ,आपको 50gm फिटकरी लेनी है जिसे आप बारीक पीस लें |दोस्तों अगर आपका गमला 10inch का है तो आप्को 1/2 चम्मच से थोडा सा कम फिटकरी के powder को ले और इसे आप 1liter पानी में घोल ले,अगर आपका गमला 12inch का है तो उसमे आप 1/2 चम्मच फिटकरी का उपयोग करे|इस घोल को आप अपने पौधे की मिटटी में डालिए |


 लाभ :दोस्तों फिटकरी किसी तरह का fertilizer नहीं है फिटकरी को अपने पौधे की मिटटी में डालने से उसकी मिटटी अम्लीय हो जाती है ,और जैसा की मैंने पहले भी बताया था की गुलाब को अम्लीय मिटटी बहुत पसंद आती है ,इसकी वजह से आपके पौधे की growth और फूल लाने में मदद करता है,इसकी वजह से मिटटी balance हो जाती है |

     


उपाय 5 :Sea weed extract का उपयोग 

               दोस्तों sea weed extract एक ऐसा प्राकृतिक fertilizer  है जिससे की आपके पौधे की पत्तियाँ हरी भरी रहेंगी और आपका पौधा healthy रहेगा और फूल भी अच्छी मात्रा में आयेंगे ,इसकी सहायता से आपके पौधे को सभी प्रकार के पोषक तत्व आसानी से मिल जाएंगे|
आपको 1 चम्मच SEA WEED EXTRACT लेना है और उसे 2 लीटर पानी में मिला लें ,इस घोल को आप अपने पौधे की पत्तियों पर डाल सकते हैं या फिर आप गमले की मिटटी में डाल सकते हैं |
लाभ :Sea weed extract की सहायता से पौधे को सभी तरह के पोषक तत्व बराबर और सही मात्रा में मिल जाते है,जिससे पौधे को flowering में मदत मिलती है।









         

             

                                                                 Tips 

1.दोस्तों जिस तरह से पौधे के लिए खाद जरुरी है उसी तरह से cutting भी समय समय पर बहुत जरुरी है,इसकी cutting आप ठण्ड शुरू होने से पहले october में कर दें या फिर बहार के मौसम में करे ,साथ ही इसका ध्यान रखें की पौधे के तने के निचले भाग से sukker न निकले,अगर निकल जाये तो उसे जल्द से जल्द काट दे |

2.दोस्तों अगर आप अपने पौधे को केमिकल fertilizer देना चाहते हैं तो गर्मी के मौसम में एक महीने के अन्तराल पर दें,वरना आपका पौधा जल सकता है|

3.अगर आप अपने पौधे को vermi compost या नीम की खली देना चाहते है तो20-30gram वो भी दे सकते है|

4.गर्मी में आप अपने पौधे को ग्रीन net के नीचे रखें जिससे उसकी निकलने वाली नयी कलियाँ सूखेंगी नहीं और पौधे की growth भी अच्छी  रहेगी|

5.अगर आपका पौधा 10inch के पॉट में लगा है तो आप उसमे d.a.p के १०-१२ दाने डाल सकते है |


6.अगर पौधे पर किसी तरह का फंगस का अटैक है तो आप "saaf " fungisite का उपयोग कर सकते हैं |

         

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                    मित्रों मैं आशा करता हूँ की मेरे द्वारा दी गयी जानकारी आपके पौधे के लिए लाभदायक होगी,और गुलाब से जुडी सभी तरह की समस्या का समाधान हो गया होगा,फिर भी अगर आपको गुलाब की gardening में या किसी और पौधे से जुडी किसी तरह की कोई दिक्कत आ रही है तो आप अपने सवाल comment box में comment करके बता सकते हैं मैं जल्द से जल्द जवाब देने की कोशिश करूँगा |

                   धन्यवाद् |